Wednesday, 1 February 2017

माँ को भोग लगाएँ बनाएँ चावल की केसरी खीर
बसंत पंचमी का दिन माँ सरस्वती को समर्पित है , इस दिन पूजा के पश्चात माँ को केसरी खीर का भोग अवश्य लगाया जाता है |
खीर ऐसी मिठाई है जिसे बच्चे -बूढ़े सभी शौक से खाते हैं , यह बनाने में भी बड़ी ही आसान है |
तो आइये शुरुआत करते हैं खीर बनाने की |
 दस -पंद्रह पत्ते केसर के  दस -पंद्रह  मिनिट पहले एक कप दूध में डालकर रख दें |
एक छोटी कटोरी चावल , डेढ़ किलो दूध
एक कटोरी चीनी
दस-पंद्रह कतरे बादाम , पंद्रह-बीस किशमिश
आधा चम्मच इलायची पाउडर
ऐसे बनाएँ- चावल साफ़ कर ,पहले से ही उबले दूध में डालकर बिलकुल कम आँच पर पकाएँ , साथ ही केसर वाला दूध डाल दें | बीच-बीच में चमचे की सहायता से चलाते रहें | जब  पकते-पकते दूध लगभग आधा रह जाए तो समझिये कि खीर तैयार है | चीनी डालें , थोड़े बादाम सजावट के लिए अलग रखकर बाकी बादाम ,किशमिश खीर में मिला दें  | चीनी घुल जाने तक आँच पर ही रहने दें एवं चलाते रहें | आँच से उतारकर इलायची पाउडर डालें  बादाम से सजाएँ माँ को अर्पित कर गरम या फिर ठंडी   कर सबको खिलाएँ |

Tuesday, 31 January 2017

                                           स्वादिष्ट ताज़ी रसेदार  मंगोड़ी 
कभी-कभी मन सब्जियों से अलग हटकर कुछ खाने का करता है , तो सोचना क्या बना लीजिये मंगोड़ी और परोसिये से प्यार से |
सामग्री - एक कटोरी धुली मूंग की दाल का पेस्ट
आधा चम्मच अजवायन
चुटकी भर हींग
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
चार -पाँच साबुत लाल मिर्च
आधा चम्मच हल्दी पाउडर
एक चम्मच धनिया पाउडर
एक चौथाई चम्मच गरम मसाला
आधा चम्मच जीरा
नमक स्वादानुसार
एक कटोरी खट्टा दही या एक गिलास खट्टी छाछ
तेल तलने के लिए
एक चम्मच देसी घी
तीन टमाटर का पेस्ट
बारीक़ कटी अदरक एक चम्मच
हरा धनिया बारीक़ कटा हुआ
 ऐसे बनाएँ - दाल के पेस्ट को खूब फेंटे , जब हल्का लगने लगे तो समझिये कि मंगोड़ी बना सकते हैं | गहरी कढ़ाही में तेल गरम करें | छोटी-छोटी पकोड़ी के जैसी मंगोड़ी तलें | सुनहरी होने पर कढ़ाही से निकालकर अलग रखें | इस प्रकार सारे पेस्ट की मंगोड़ी बना लें | यदि आप दही का प्रयोग कर रहे हैं तो दही  को फेंट कर पतला कर लें |
एक चौड़े मुंह वाले बर्तन या प्रेशर कुकर में देसी घी गरम करें | जीरा डालकर चटकाएँ | टमाटर का पेस्ट एवं अदरक  डालकर चमचे से चलायें | लगभग पाँच मिनिट के बाद आँच कम कर दें | दही या छाछ डालें | सारे मसाले डालकर चमचे से चलाते  रहें | लगभग डेढ़ गिलास पानी डालें | आँच  तेज करें | एक-दो उबाल आने पर सारी मंगोड़ी डालें | तेज आँच पर ही पाँच -दस मिनिट खौलाएँ |
चपाती , पराँठा या पूड़ी किसी के भी साथ खाएँ | किन्तु हरे धनिये से सजाना न भूलें |

Thursday, 12 January 2017


बाजरे की खीर 


एक ऐसा मोटा अनाज, जो है सेहत से भरपूर,
जिसमें गुण है ऐसे जो कर दे आपके रोग दूर 
पक्षी भी जिसे खाता है ,हमको भी खूब भाता है ,
बताओ तो ज़रा उसका नाम ?
हाँ भई हाँ ,बाजरा है उसका नाम |

खीर तो आपने बहुत खाई होंगी ,पर कभी सोचा है कि बाजरे की खीर भी बनती है ,और वो भी स्वाद एवं सेहत से भरपूर  | चलिए तो आज आपको बाजरे की खीर बनाने का तरीका बताते हैं |
सबसे पहले हम सारी चीजों को एकत्रित कर लेते  हैं जो बाजरे की खीर बनाने के लिए हमें चाहिए हैं |
दूध दो लीटर , कुटा बाजरा एक कटोरी ,चीनी एक कटोरी ,बीस बादाम कतरे हुए , पाँच-छह पिस्ते कतरे हुए ,एक चम्मच इलायची पाउडर , पंद्रह -बीस किशमिश |
अब खीर बनाना आरम्भ करते है | एक भरी तले का भगोना लेकर उसमें दूध उबालकर बाजरा डालकर कम आंच पर पकाते हैं | बीच-बीच में चमचे से चलाते  रहें | लगभग तीस से चालीस मिनिट तक पकने दें | सजावट के लिए थोड़े से पिस्ते एवं बादाम अलग रखकर सारी  मेवा एवं इलायची पाउडर डालकर चलाएँ | अब चीनी डालकर लगातार तीन से पाँच मिनिट तक चमचे से चलाते  रहें | आँच से उतारकर पिस्ते-बादाम से सजाकर सर्व करें |
यह पौष्टिक खीर सर्दी से बचने की अचूक औषधि है | गरम-गरम ही खाएँ |
बाजरे में ऐसे गुण हैं जो हमारे शरीर के शुगर के लेवल को तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं  |

Wednesday, 11 January 2017

                                                                 केसर वाला दूध 
दूध का ऐसा स्वाद , जो  हमेशा रहे याद

सर्दी , गर्मी या हो मौसम कोई, 
दूध का मुरीद हो जाए हर कोई |

जी हाँ ,धरा पर अमृत के सामान ही है दूध | और फिर केसर वाले दूध की तो बात ही कुछ अलग है | केसर वाला दूध स्वास्थ्य तो बढ़ाता ही है , इसके नियमित सेवन से रंग-रूप भी निखरता है | तो  आपको आज केसर वाला दूध बनाने का तरीका बताते हैं |
केसर के आठ से दस धागे आधा कप दूध में रातभर भीगने दें |
दस से पंद्रह रातभर भीगे बादाम कतरे हुए |
दो से चार पिस्ते कटे हुए |
चीनी दो सौ ग्राम |
एक चौथाई चम्मच इलायची पाउडर |
डेढ़ या दो लीटर दूध में ,रातभर भीगे केसर वाला दूध डालकर उबालें | उबाल आने पर आंच को धीमा कर दें लगभग दस से पंद्रह मिनिट तक धीमी आंच पर पकाएँ | अब चीनी डालें |सजावट के लिए थोड़े से पिस्ते- बादाम अलग कर लें | सारे बादाम-पिस्ते एवं इलायची डालकर दो मिनिट तक चमचे से चलाएँ | आंच बंद कर हल्का ठंडा कर सर्व करें ,ऊपर से पिस्ते-बादाम से सजाएँ |
हर उम्र के व्यक्तियों के लिए सर्वोत्तम आहार है | यह दूध सर्दियों में बड़ा ही लाभकारी है ,यह ठण्ड से बचाता है |
                          गाजर की खीर 
खीर का नाम सुनते ही चावल की खीर का ही विचार आता है | गाजर को तो सभी जानते ही हैं  | लाल-लाल रसीली गाजर देखकर किसका मन नहीं करता खाने का | गाजर है, ही ऐसी- कच्ची खाओ ,सलाद में खाओ ,सब्जी बनाकर खाओ, हलुआ बनाकर खाओ   या फिर खीर बनाकर | गाजर कैसे भी खाओ यह प्राकृतिक गुणों से भरपूर -स्वास्थ्यवर्धक है | तो चलिए आज हम गाजर की खीर बनाते हैं |
सबसे पहले हम खीर बनाने के लिए  सारी आवश्यक चीजों को एकत्रित कर लेते हैं -
लाल-लाल गाजर २५० ग्राम
दूध . लीटर
चीनी स्वादानुसार /२५० ग्राम
१०-१५ बारीक कटे बादाम
-१० काजू
आधा चम्मच इलायची पाउडर
१५-२० किशमिश
दो चम्मच चिरोंजी
एक चम्मच पिस्ता बारीक़ कटा हुआ

सामग्री तैयार है ,अब खीर बनाना आरम्भ करते हैं | सबसे पहले गाजरों को धोकर हलके हाथ से छिलका हटा देते हैं | सभी गाजरों को कद्दूकस कर लेते हैं | एक भारी  तली वाले भगोने में दूध उबालकर उसमें गाजर डालकर आँच कम करके पकाते हैं | बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें जिससे तली में दूध चिपके नहीं |कम आँच में लगभग ३५ से ५० मिनिट तक पकाएँ | जब दूध और गाजर आपस में मिली हुई दिखने लगे तो समझिये की खीर तैयार है | खीर पकाते समय किशमिश डालें |चीनी डालकर चलाते रहें |   तैयार खीर को काजू,बादाम ,चिरोंजी से सजाएँ और इलायची पाउडर डालकर गरम-गरम खाएँ एवं खिलाएँ | अपने मुँह का स्वाद एवं सेहत बढ़ाएँ |

Thursday, 5 January 2017

                              मेथी के व्यंजन 

सर्दियाँ आते ही तरह-तरह के साग -सब्जियों से बाजार भर  जाते हैं  | इन्हीं में से एक साग है मेथी | प्राकृतिक गुणों से भरपूर यह गरम तासीर का होता है | सर्दियों में इसको खाने से ठण्ड से तो बचाव होता ही है साथ से यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है | इसको खाने से विभिन्न प्रकार के दर्द भी दूर होते हैं | अतः मेथी का सेवन हर प्रकार से लाभकारी है | 

 प्रतिदिन नए-नए  व्यंजन बना कर सबको खिलाएँ और सबको स्वास्थ्य प्रदान करें | प्रस्तुत  हैं ,मेथी से बने कुछ स्वादिष्ट व्यंजन |    

मेथी के व्यंजन 
१ - मेथी की मठरी
सामग्री-
एक कटोरी बारीक कटी मेथी
एक कटोरी मैदा
एक कटोरी सूजी
एक कटोरी आटा
आधा कटोरी तेल मोयन के लिए
एक चम्मच अजवायन
एक चम्मच मोटी कुटी सौंफ
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
एक चुटकी हींग
नमक स्वादानुसार |तेल तलने के लिए
विधि- आटा ,सूजी , मैदा तीनों को मिलाकर एक सार कर लें | सारे मसाले एवं मेथी मिलाकर  मोयन के लिए तेल डालें | सबको   मिलाकर एक सार कर लें | थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गूंदे | ध्यान रहे कि आटा थोड़ा कड़क ही रहे | हाथ से मसलते हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयाँ बनाएँ | हथेली  से दबाते हुए या बेलन से हल्का बेलते हुए गोल आकार दें | कड़ाही में तेल डालकर गरम करे , जब तेल अच्छी तरह से गरम हो जाए तो गोल-गोल मठरियाँ कड़ाही में डालकर आँच काम कर दें | धीमी आँच पर ही गुलाबी होने तक सेंकें |
गरम-गरम मठरियाँ गरम चाय या कॉफी  तथा चटनी के साथ खिलाएँ |
बच्चों को लांच बॉक्स में भी दे सकते हैं |


 -आलू मेथी की सब्जी

सामग्री-
ताजा मेथी साफ की हुई आधा किलो
मध्यम आकार के दो आलू
दो चम्मच सरसों का तेल
आधा चम्मच अजवायन
चुटकी भर हल्दी
चुटकीभर हींग
आधा चम्मच अमचूर
आधा चम्मच पिसी सौंफ (मोटी )
/ चम्मच गरम मसाला
आधा चम्मच धनिया पाउडर+
नमक स्वादानुसार
विधि -मेथी को धोकर बारीक़-बारीक़ काट लें | आलू छीलकर ,धोकर थोड़े बड़े आकार के चोकोर टुकड़ों में काट लें | कड़ाही में तेल डालकर गरम करें , अजवायन डालकर चटकाएँ | आलू डालकर मंडी आँच पर भूनें |
लगभग दो मिनिट तक भूनें | कटी हुई मेथी डालकर चमचे से चलाये हल्दी , नमक एवं हींग डालकर मिक्स करें | ढककर मंडी आँच पर पकने दें | बीच-बीच में चमचे से उल्ट-पलट करते रहे | जब आलू-मेथी पाक जाए ,तब सारे मसाले डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें एवं भूनें | अंत में गरम मसाला डालकर मिक्स करें |
आलू-मेथी की सब्जी खाने की टेबल पर जाने के लिए तैयार है 
पूड़ी ,परांठे या चपाती के साथ खाएँ |
बच्चों के टिफिन में पूड़ी या पराठें के साथ दें |

                                                   ३ -मेथी का परांठा 
मेथी का परांठा बड़ा ही स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक होता है | गरम-गरम परांठा भूख को भी जगा देता है ,तो आइये मेथी का परांठा बनाते हैं |

सामग्री - दो कटोरी गेंहूँ का आटा 
२५० ग्राम साफ़ एवं बारीक़ कटी मेथी 
एक  चम्मच अजवायन 
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 
आधा चम्मच बड़ी सौंफ कुटी हुई 
एक चम्मच रिफाइंड तेल
चुटकीभर हींग  
१/४ कप दूध  
परांठे सेकने के लिए घी
नमक स्वादानुसार 
विधि-सारी सामग्री को मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम गूंद लें | थोड़ी बड़ी लोई बनाएं और थोड़ा सा बेलकर बीच में हल्का सा घी लगाएं बंद करके मनचाहे आकार जैसे गोल या फिर तिकोना बेलें |ध्यान रहे कि आप थोड़ा मोटा ही बनाएं | मध्यम आंच पर सेकें |
मेथी का गरम-गरम स्वादिष्ट परांठा खाने के लिए तैयार हैं |
बच्चों के टिफिन के लिए एक और व्यंजन तैयार है |

 आप चाहें तो इसी मिश्रण से चपाती भी बना सकते हैं , और थोड़ा कड़क आटा गूंद कर पूड़ी भी बना सकते हैं |                                                     

                           ४ - मेथी की पूड़ी 



Monday, 26 December 2016

रंग -बिरंगा पुलाव
सामग्री - चार व्यक्तियों के लिए
एक कटोरी चावल
एक गाजर मध्यम आकार की (छोटे -छोटे टुकड़ों में कटी हुई )
आधी कटोरी कॉर्न
आधी कटोरी मटर के दाने
चार -पाँच टुकड़े फूल गोभी
एक इंच अदरक बारीक़ -बारीक़ कटी हुई
चार लॉन्ग
एक बड़ी इलायची
दो पत्ते तेज पत्ता
चार-पाँच छोटी इलायची
एक बड़ा चमचा घी
आधा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच गरम मसाला
नमक स्वादानुसार
आधा चम्मच जीरा
विधि-चावल को साफ़ करके धोकर एक कटोरी पानी में  लगभग २०-२५ मिनिट के लिए भिगो दें | बड़ी इलायची एवं दो छोटी इलायची के दाने निकालकर थोड़ा कूट लें | कुकर में घी गरम करें ,जीरा डालकर चटकाएँ | अदरक डालें ,इलायची ,तेजपत्ता एवं लॉन्ग डालें,(कुटी हुई लॉन्ग एवं इलायची भी डालें )सारी सब्जियों को डालकर हलके हाथ से चलाते हुए हल्का सा  एक-दो मिनिट  भूनें | पानी निकालकर चावल डालें एवं हलके हाथ से चलाएँ |एक कटोरी पानी डालें एवं हल्दी-नमक डालें ,गरम मसाला डालें तथा कुकर को बंद कर दें | प्रेसर बनने पर मिनिट भर के लिए आंच कम करें और फिर बंद कर दें | प्रेसर निकलने पर  मक्खन डालकर हरे धनिये की चटनी के साथ गरम-गरम परोसें |